जब द्रविड़ के पहला रन बनाते ही तालियों से गूंजा स्टेडियम,

भारतीय क्रिकेट की दीवार कहे जाने वाले पूर्व क्रिकेटर राहुल द्रविड़ का आज जन्मदिन है. राहुल का भारतीय क्रिकेट में काफी अहम योगदान रहा है. वनडे हो या टेस्ट द्रविड़ ने हर बार टीम इंडिया की नैय्या को पार लगाया है. इस मौके पर हम आपको एक ऐसा वाक्या बता रहे हैं, जो कि थोड़ा हैरान करने वाला है.

दरअसल, भारत के 2007-2008 में ऑस्ट्रेलियाई दौरे के दौरान मेलबर्न टेस्ट में द्रविड़ को अपना खाता खोलने में 41 गेंद लगी थीं. जब 41वीं गेंद पर राहुल ने रन लिया तो पूरा स्टेडियम खड़े होकर तालियां बजाने लगा. राहुल ने भी दर्शकों का अभिवादन स्वीकार किया और बल्ला हवा में उठाया. स्टेडियम में कुछ ऐसा माहौल था, जैसा कि राहुल द्रविड़ का शतक पूरा हो गया है.

बता दें कि द्रविड़ आज 45 साल के हो गए. उनका जन्म 11 जनवरी 1973 को इंदौर में हुआ था. एक दिन पहले ही बेटे समित ने स्कूली क्रिकेट में 150 रन बनाकर अपने दिग्गज पिता को जन्मदिन का शानदार तोहफा दे दिया है.

राहुल द्रविड़ के कुछ अनोखे रिकॉर्ड…

-1996 में लाॉर्ड्स में डेब्यू करते हुए सौरव गांगुली ने शतक जमाया था. उसी पारी के दौरान द्रविड़ ने भी पदार्पण करते हुए 95 रन बनाए थे. ऐसा पहला वाकया था, जब दो नवोदित खिलाड़ियों ने एक साथ दो शानदार पारियां खेली थीं.

-टीम इंडिया की ओर से महज दो ही ऐसे बल्लेबाज हैं, जिन्होंने टेस्ट और वनडे दोनों में 10,000 से ज्यादा रन बनाए हैं. सचिन तेंदुलकर के अलावा द्रविड़ ने टेस्ट 13,288 रन बनाए हैं, जिसमें 36 शतक और 63 अर्धशतक शामिल हैं. वनडे में द्रविड़ ने 10,889 रन बनाए हैं. जिसमें उनके 12 शतक शामिल हैं.

-फील्डर के तौर पर सबसे ज्यादा कैच लेने का वर्ल्ड रिकॉर्ड द्रविड़ के नाम दर्ज है. उन्होंने 301 पारियों में 210 कैच लपके. महेला जयवर्धने 205 कैचों के साथ दूसरे स्थान पर हैं. जबकि जैक्स कैलिस ने अपने टेस्ट करियर 200 कैच लपके.

– द्रविड़ की कप्तानी में भारत को साउथ अफ्रीका की धरती पर पहली टेस्ट विजय मिली थी. दिसंबर 2006 दौरे के जोहानिसबर्ग टेस्ट में भारत ने मेजबान टीम को 123 रनों से पीटा था. इसके अलावा द्रविड़ की कप्तानी में इंग्लैंड में भारत को 21 साल बाद टेस्ट में सीरीज जीत हासिल हुई थी.