भ्रष्टाचार की शिकायत करने मुख्यमंत्री आवास पहुंचे नेता प्रतिपक्ष, जानिये फिर क्या हुआ

भोपाल. ‘मैं भ्रष्टाचार की शिकायत करने आया हूं। शिकायत पेटी कहां है। कहीं अलग तो नहीं कर दी।मुख्यमंत्री निवास के द्वार पर खड़े नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने सुरक्षाकर्मियों से यह सवाल किया, तो वे सकपका गए। इस बीच एक सुरक्षाकर्मी ने कहा सर, पेटी यहीं हैं।

नेता प्रतिपक्ष ने फिर सवाल किया मुझे भ्रष्टाचार की शिकयत करना है। उसके लिए तो अलग पेटी होती थी। इस पर सुरक्षाकर्मी बोले, सर भ्रष्टाचार संबंधी शिकायती पेटी अन्य द्वार पर होगी। हाथ में पकड़े कागज दिखाते हुए सिंह बोले, पेटी इसी द्वार पर होती थी।

नेता प्रतिपक्ष का सुरक्षाकर्मियों से यह संवाद चल रहा था, तभी मीडिया ने उन्हें घेर लिया। एक के बाद एक सवाल शुरू हुए। नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि वे यहां भ्रष्टाचार मामले की शिकायत करने आए हैं, लेकिन शिकायत पेटी नजर नहीं आ रही।75 करोड़ रुपए का आबकारी घोटाला हुआ है।

दोषियों को दण्ड मिलने के बजाय सरकार : उन्हेंबचाने में लगी है। मीडिया से चर्चा करते-करते नेता प्रतिपक्ष सुरक्षाकर्मियों से शिकायत पेटी के बारे में भी पूछते जा रहे थे। सुरक्षाकर्मी कभी हां, कभी न करते रहे। इसी बीच एक सुरक्षाकर्मी ने बताया कि सर शिकायत पेटी यहीं है

सुरक्षाकर्मियों के बताए अनुसार वे मुख्यमंत्री निवास के द्वार पर रखी शिकायत पेटी की ओर बढ़े। मीडियाकर्मियों को सुरक्षाकर्मियों ने रोक दिया। सिंह पेटी में शिकायत डालकर आए तो मीडिया ने फिर उन्हें घेर लिया।

पूरी तरह गोपनीय रहा कार्यक्रम
मुख्यमंत्री निवास पहुंचने वाले नेता प्रतिपक्ष ने अपना कार्यक्रम पूरी तरह गोपनीय रखा। मीडिया को सिर्फ इतनी सूचना दी गई थी कि वे अपने निवास पर चर्चा करना चाहते हैं।

पूर्व निर्धारित कार्यक्रम पर यहां मीडियाकर्मी पहुंचे तो नेता प्रतिपक्ष बोले वे कहीं जा रहे हैं, आप लोग भी चलें। पूछने पर उन्होंने यही कहा पहुंचने पर पता चल जाएगा। यह कहते हुए वे कार में बैठ गए, मीडियाकर्मी भी उनके साथ चल दिए। वे सीधे मुख्यमंत्री निवास पर आकर रुके।

दोषियों को बचा रही है सरकार
अजय सिंह ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि इंदौर में हुए 75 करोड़ से अधिक के आबकारी घोटाले के छह अधिकारी-कर्मचारियों का निलम्बन समाप्त करना प्रदेश के इतिहास में मिसाल है।

शिकायत पेटी डाले अपने पत्र में कहा की राज्य सरकार ने कल देर रात वर्ष 2०17 के बड़े आबकारी घोटाले के आरोपियों सहायक आयुक्त राजीव दुबे सहित अन्य को बहाल करने का आदेश निकाला। इसकी जांच भी पूरी नहीं हुई है लोकायुक्त के साथ यह मामला हाईकोर्ट में चल रहा है। सरकार ने जिस चोरी छुपे तरीके से बहाली का जो आदेश निकाला है वह घोटाले में एक और घोटाले होने का संकेत दे रहा है।